ये हैं देश की पहली महिला स्टंट राइडर, स्कूटी से करती हैं कमाल के स्टंट,

बाइक चलाना हमेशा से ही लड़को की शान रही है। लेकिन ये हैं देश की पहली महिला स्टंट राइडर, स्कूटी से करती हैं कमाल के स्टंट,की शान रहा है। खतरनाक स्टंट और रफ़्तार के शौकीन लड़के आने वाले हर खतरे की बिना कोई परवाह किए अपने जुनून को पूरा करते हैं। लेकिन अक्सर लोगों को लगता है कि ये रफ्तार से खेलना और जान जोखिम में डालने वाले स्टंट सिर्फ लड़के ही कर सकते हैं। अगर आपका मानना भी उन लोगों जैसा ही है तो आपको बता दें कि आप गलत सोच रखते हैं। क्योंकि आज हम आपको ऐसी ही 21 साल की एक लड़की से मिलवाने जा रहे हैं, जिनको भारत की पहली महिला स्टंट राइडर माना जाता है। इस लड़की का नाम है, अनम हाशिम।
महज़ 16 साल की उम्र में ही बाइक स्टंट की शुरुआत करने वाली अनम 18 दिन में 2100 किमी की दूरी और कठिन खारदूंग-ला पास पर पहुंचने का कारनामा कर चर्चा में आ चुकी हैं। कमाल की बात तो यह है कि अनाम इस खतरनाक जगह पर किसी सुपर बाइक से नहीं बल्कि अपनी टीवीएस स्कूटी पर दो बार जा चुकी हैं। दरअसल खारदूंग-ला पास लद्दाख में है और लगभग 18,000 फीट की ऊंचाई पर है। इसके अलावा अनम टीवीएस जेस्ट में दस लड़कियों की एक टीम का नेतृत्व भी कर चुकी हैं।

क्राइस्ट कहे जाने वाले अपने बाइक स्टंट के वीडियो के वायरल होने के बाद अनम चर्चा में आई थीं। अनम का कहना है कि बाइक को नहीं पता होता आपका जेंडर क्या है। अब अनम हाशिम और उनकी टीम एक मोटरसाइकिल यात्रा के दौरान 20 से ज्यादा विश्व रिकॉर्ड तोडऩे का कारनामा करने जा रही है। इसके साथ ही अनम बताती हैं, ”मैं स्कूल में जब लड़कों को बाइक चलाते हुए देखती थी, तो मुझे बेहद रोमांच का अनुभव होता था। उसके बाद से ही मैंने स्टंटिंग पर रिसर्च करनी शुरू की और इसे प्रोफेशन के तौर पर अपना लिया।”
महज़ स्कूटी पर स्टंट की शुरुआत करने के बाद अनम ने अपना पहला स्टंट बिना किसी गड़बड़ी के किया। स्कूटी पर स्टंट करना बाइक पर स्टंट करने से ज्यादा कठिन है। अनम कहती हैं, “लोगों को लगता था कि ये लड़कों का काम है। मेरे लिए मम्मी-पापा को इसके लिए मनाना आसान नहीं था। पहले मेरे पापा बाइक खरीदने को तैयार नहीं थे, लेकिन बाद में मैंने उन्हें मना लिया।”

स्टंट करते हुए अनम ओ लगभग 3 साल का समय गुज़र गया है। अनम सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय हैं। अपने नए स्टंट्स की जानकारी अपने फैंस को फेसबुक, ट्विटर से देती रहती हैं। खारदूंग-ला पास के सफ़र के बारे में अनम कहती हैं, ”इतनी ठण्ड और इतने कठिन रास्तों वाले खारदूंग-ला पास पर जाना आसान नहीं था। लेकिन मैंने आसानी से इसे पूरा कर लिया।”

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