परिवार नियोजन के लिए यूज किए जाने वाले कंडोम के बारे में आज के समय में हर व्यक्ति जानता है। लेकिन यकीन मानिए कंडोम के बारे में जो बाते हम आपको बताने जा रहे हैं इसके बारे में आपने पहले कभी नहीं सुना होगा।

कंडोम का इस्तेमाल सिर्फ आज के समय में नहीं होता बल्कि इसका इतिहास बेहद पुराना है। फ्रांस की एक गुफा में इसके आकार को बना पाया गया है। माना जाता है कि ये पंद्रह हजार साल से भी पुराना है। स्वीडन में सबसे पुराना कंडोम पाया गया है।

पहले कंडोम खरीदना सबके बस की बात नहीं थी। अमेरिका में डॉक्टरों के प्रेसक्रिपशन के बाद ही इसे 1928 से वेंडिंग मशीन से निकाला जा सकता था। साथ ही बता दें कि सोची ओलंपिक्स के दौरान एथलीटों को ओलंपिक विलेज में एक लाख कंडोम पहुंचाए गए थे।
16वीं शताब्दी में कंडोम का आविरष्कार साइफलिस की बीमारी को रोकने के लिए किया गया था। उन दिनों फ्रांस में कई लोग गुप्त रोग साइफलिस से मर रहे थे। कोई इलाज ना होने के कारण गैबरील फैलोपियो ने उपचार तलाशने की कोशिश की। उन्होंने लिनन शीथ्स को एक केमिकल सॉल्यूशन में मिलाया, फिर सुखाया। इसे शीथ को 1100 प्रतिभागियों पर इस्तेमाल करने का सोचा। इन शीथ्स को पुरूषों के पेनिस पर लगाया गया और इसे एक रिबन से बांधा गया। पाया गया कि इस तरह से सुरक्षा लेने के बाद कई मर्दों को संबंध बनाने के बाद भी साइफलिस नहीं हुई।
कोंडोम में इस्तेमाल होने वाला मैटीरियल हमेशा से बदलता रहा है। कभी इसे लेटेक्स से बनाया जाता था। फिर तरह-तरह के जानवरों की आंतों से इन पर प्रयोग किया गया। इसे बाद में लिनन, स्लिक और लेदर से बनाने तक की कोशिश की जा चुकी है।
सोलहवीं शताब्दी में कंडोम जानवरों की आंत से बनाया जाता है और इसलिए महंगा भी मिलता था। इसका प्रयोग लोग दो बार कर लेते थे। उन्नीसवीं शताब्दी के आते-आते ये इतने सस्ते हो गए कि लोग उन्हें एक बार में इस्तेमाल में लाकर फेंक सकते थे।
इसे दुनियाभर से कई सेलिब्रिटीज एंडोर्स करते हैं। सेफ सेक्स के बढ़ावे की ओर उठाया गया ये कदम कई लोगों को सेक्स के दौरान पूरी सुरक्षा लेना को प्रोत्साहित करता है।
क्या आपको पता है कि मॉडर्न कंडोम एक गैलन तक का पानी अपने अंदर ले सकता है। ऐसे रिपोर्ट्स भी मिली हैं जिसमें सेना के जवान भी कई तरह कंडोम का प्रयोग करते हैं। जैसे कि राइफलों को पानी से बचाने के लिए, कहीं आग जलाने के लिए आदि।

पिछले कुछ वक्त में कंडोम के आकार और टाइप में काफी बदलाव आया है। अब तो फ्लेवर्ड कंडोम से लेकर लुब्रिकेटेड और अन्य प्रकार बाजार में आसानी से उपलब्ध हैं। इसको पहले काफी बड़ा टैबू माना जाता था जो कहीं ना कहीं धीरे-धीरे खत्म हो रहा है।


