श्रेणी: social media

अगर आप चलाते हैं व्हाट्सऐप तो हो जाएं सावधान

क्या हो अगर आपका व्हाट्सऐप कोई दूसरा यूज करे और आपको इस बात की भनक भी न हो। जी, ऐसा संभव है और ऐसे हो धड़ल्ले से हो भी रहा है. इसके लिए हैकिंग का कोर्स या फिर प्राग्रामिंग सीखने की जरूरत नहीं है।
एक मिनट से भी कम में आपके स्मार्टफोन का व्हाट्सऐप किसी दूसरे के स्मार्टफोन में पहुंच सकता है। इसके जरिए वो आपके तमाम कनवर्सेशन पढ़ने से लेकर फोटोज और वीडियोज भी देख सकता है।

 अगर चाहे तो वो आपके दोस्तों को मैसेज भी कर सकता है और आपको इस बात की खबर भी नहीं होगी. इसलिए सावधान हो जाएं और पहले ये समझ लें कि ये होता कैसे है।

व्हाट्सऐप वेब का नाम तो आपने सुना होगा। व्हाट्सऐप के वेब वर्जन यानी वेबसाइट पर अपने स्मार्टफोन के व्हाट्सऐप में दिए गए बारकोड को स्कैन कर के सारे चैट्स को कंप्यूटर पर ले जा सकते हैं। इसके अलावा आप यहां व्हाट्सऐप के इंटरफेस से लोगों से बातचीत करने से लेकर फोटोज और वीडियोज भेज सकते हैं।

 

एंड्रॉयड के गूगल प्ले स्टोर पर ऐसे कई ऐप हैं जिसमें उनके डेवलपर्स ने व्हाट्सऐप वेब के कोड के जरिए इसे वैसा ही बनाने की कोशिश की है। साधारण शब्दों में कहें तो ऐसे ऐप हैं जिसके जरिए व्हाट्सऐप को स्कैन करके उसे दूसरे स्मार्टफोन में ट्रांसफर किया जा सकता है।

उदाहरण के तौर पर आपके दोस्त ने आपसे स्मार्टफोन मांगा और व्हाट्सऐप वेब के फर्जी ऐप के जरिए आपके व्हाट्सऐप को स्कैन कर लिया। इसमें सिर्फ कुछ सेकंड्स ही लगेंगे। इसके बाद आपके व्हाट्सऐप के तमाम चैट्स से लेकर पूरी हिस्ट्री उसके स्मार्टफोन में चली जाएगी और दिलचस्प यह है कि आपको इसके बारे में पता भी नहीं चलेगा।

 

ऐसा करके वो आपके व्हाट्सऐप पर सेंड और रिसीव होने वाले मैसेज की रियल टाइम जानकारी रखेगा, और चाहे तो आपकी जगह पर किसी को मैसेज या फोटो भेज भी सकेगा।

यह ऐप आधिकारिक नहीं है, लेकिन हमने टेस्ट किया तो इसके जरिए वो सबकुछ हुआ जो व्हाट्सऐप वेब से होता है। इसे व्हाट्सऐप की लापरवाही कहें या गूगल प्ले स्टोर की खामी। क्योंकि अगर गूगल प्ले स्टोर पर ऐसे ऐप डाले जा रहे हैं तो लोग इसे डाउनलोड भी कर लेंगे. ऐसा होता रहा तो लोग आसानी से किसी के चंगुल में फंस सकते हैं।

 

ऐसी स्थिति में गूगल और व्हाट्सऐप को ऐसे ऐप पर लगाम लगानी चाहिए।  इस एप्प को डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करे।

https://play.google.com/store/apps/details?id=com.whatscan

फेसबुक ने भारत में एक्सप्रेस वाईफाई का परीक्षण किया 

फ्री बेसिक्स के नाम से नेट न्यूट्रिलिटी कानून का कथित तौर पर उल्लंघन करने के लिए आलोचना का दंश झेलने के महीनों बाद सोशल नेटवर्किंग दिग्गज फेसबुक ने अब भारत में सार्वजनिक वाई-फाई के नए मॉडल का परीक्षण किया है। इसका मकसद देश के ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्ता इंटरनेट के इस्तेमाल की सुविधा प्रदान करना है। 

फेसबुक के इंटरनेट.ओआरजी पेज के अनुसार कंपनी की एक्सप्रेस वाईफाई सेवा भारत में शुरू हुई है और यह दुनिया भर के दूरदराज क्षेत्रों में कनेक्टिविटी के विस्तार की मदद के लिए वाहक, इंटरनेट सेवा प्रदाताओं और स्थानीय उद्यमियों के साथ मिलकर काम कर रहा है और इस सेवा का दूसरे क्षेत्रों में इसका विस्तार जल्द किया जा रहा है।

एक्सप्रेस वाईफाई के जरिये फेसबुक फिर से मुफ्त इंटरनेट उपलब्ध कराने की आड़ में अपने सोशल नेटवर्किंग के लिए लाखों भारतीयों को लाने का प्रयास कर रहा है।