अब बंद होंगे आईपीएल

​बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान के लिए क्रिकेट सिर्फ बिजनेस नहीं है। उनका कहना है कि वे क्रिकेट से सिर्फ वित्तीय कारणों से नहीं जुड़े हैं, भले ही उनकी टीम कोलकाता नाइटराइडर्स (केकेआर) आईपीएल की सबसे सफल टीमों में से एक है।

उनके अनुसार इस खेल के प्रति प्यार के चलते उन्होंने इसमें पैसा लगाया है और वे अपनी टीम केकेआर को कभी नहीं बेचेंगे।

बीसीसीआई के लिए कमाई का सबसे बड़ा जरिया आईपीएल पिछले कुछ समय से विवादों में घिरा रहा है। स्पॉट फिक्सिंग के साये से वह उबरा भी नहीं था कि पिछले वर्ष खराब मानसून की वजह से संकट आया। पानी की कमी के चलते कई मैचों को महाराष्ट्र के बाहर शिफ्ट करना पड़ा।

इस वर्ष अप्रैल में बीसीसीआई सचिव अनुराग ठाकुर ने कहा था कि आईपीएल 2017 को भारत के बाहर आयोजित करने पर विचार चल रहा है।
शाहरूख ने मीडिया से चर्चा के दौरान हंसते हुए कहा, मुझे नहीं लगता है कि आईपीएल बंद होगा। यह खबर सही नहीं है, यदि ऐसा होता तो मैं इस समय आपसे बात करने की बजाए इस मामले को देख रहा होता।

Youtube वीडियो देखकर हर महीने कमाइए 30 हजार रुपए, ये है तरीका


​अगर Youtube पर वीडियो देखना पसंद करते हैं, तो इसी शौक का इस्‍तेमाल कर आप हर महीने 30 हजार रुपए तक की कमाई कर सकते हैं। इस काम को करने के लिए आपके पास सिर्फ दो चीजों का होना जरूरी है। एक इंटरनेट कनेक्‍शन और दूसरा, वीडियो देखने के लिए रोजाना कुछ समय।
पेड2यूट्यूब कमाई : 200 रुपए प्रति घंटे

कैसे करें कमाई –

– इस साइट पर आपको 30 सेकंड का यूट्यूब वीडियो देखने, उस पर कमेंट करने के पैसे मिलते हैं। कमाई को बढ़ाने के लिए यूट्यूब चैनल को सबस्‍क्राइब व दोस्‍तों को रेफर किया जा सकता है। इससे आप 200 रुपए तक प्रति घंटे की कमाई कर सकते हैं।
– आप चाहें तो ये सब काम एक ही बार में कर सकते हैं या फिर चाहें तो अलग-अलग समय पर बैठकर इस काम को पूरा करें।
– साइट के अकाउंट में 670 रुपए की रकम जमा होने के सात दिन बाद पेपल अकाउंट से आपको पेमेंट कर दी जाती है।

स्वैगबक्स कमाई –250 रुपए प्रति घंटे

कमाई –250 रुपए प्रति घंटे

कैसे करें कमाई –
– स्वैगबक्स में वीडियो देखने के अलावा आप सर्वे के जरिये भी पैसे कमा सकते हैं। हर क्लिक और वीडियो देखने के लिए स्वैगबक्स एक एसबी से लेकर 30 एसबी तक प्वाइंट्स देता है।
– 500 एसबी कमा लेने के बाद आप 250 रुपए का फ्लिपकार्ट और एमेजन का गिफ्ट कार्ड हासिल कर सकते हैं और अपनी मनपसंद चीज खरीद सकते हैं। जितने ज्यादा एसबी प्वाइंट होंगे, गिफ्ट कार्ड भी उतनी ही ज्यादा रकम का आप हासिल कर पाएंगे।

ऐसे होगी कमाई
साइट :यू-क्‍यूबेज

कैसे करें कमाई

– एडवरटाइजिंग एजेंसी की यह साइट आपको प्रति क्लिक के हिसाब से 0.005 सेंट (यूएस डॉलर) का भुगतान करती है।

– ऐसे में अगर आप एक दिन में वीडियो, विज्ञापन और वेबसाइट पेज पर 200 क्लिक भी करते हैं, तो आप 67 रुपए प्रति‍ घंटे कमा सकते हैं।
– रेफरेंस देकर और साइट पर दिखने वाली किसी वेबसाइट पर खरीदारी कर आप अपनी कमाई को कई गुना बढ़ा सकते हैं।
चौथी साइट के बारे में

साइट :सक्सेसबक्स

कमाई :67 रुपए प्रति घंटे

कैसे करें कमाई-
– सक्सेसबक्स पर आपको सिर्फ वीडियो देखने के लिए पैसे नहीं मिलते, बल्कि साइन अप और सिर्फ क्लिक करने के लिए भी पैसे मिलते हैं।

– एड एजेंसी की यह साइट हर क्लिक के लिए 0.1 सेंट से एक डॉलर तक की कमाई करने का मौका देती है।

– साइट के बारे में सबसे अच्छी बात ये है कि यह आपके अकाउंट में कम से कम 67 रुपए जमा होते ही, पेपल के अकाउंट में भेज देती है। जिसे आप चाहें तो निकाल लें या फिर कमाई को बढ़ाते रहें।

अगली स्लालइड में जानें:इस मोबाइल ऐप से भी कमाइए

ऐसे होगी कमाई

ऐप –स्‍लाइड जॉय

कमाई :33 रुपए प्रति घंटे
कैसे करें कमाई
– इस ऐप को अपने स्‍मार्टफोन में इंस्‍टॉल करने के बाद आप कुछ न भी करेंगे, तो भी पैसे कमाएंगे। इस ऐप से हर घंटे 33 रुपए तक कमाए जा सकते हैं।
– इस ऐप की सबसे बड़ी खासियत है कि यह सिर्फ आपके स्मार्टफोन के लॉकस्‍क्रीन का इस्‍तेमाल करती है। मतलब जब भी आपके फोन का स्‍क्रीन लॉक होगा, तब ही उस पर एड चलता रहेगा और अनलॉक करने के लिए स्‍वाइप करते ही आपके अकाउंट में पैसे क्रेडिट हो जाएंगे।
:ये टिप्‍स बढ़ाएंगी प्रॉफिट

You Tube से कमाने का मौका
इन टिप्‍स को अपनाएंगे, तो रहेंगे फायदे में
– इस काम को हाथ में लेने से पहले अपनी सुविधानुसार एक या दो साइटों का सेलेक्‍शन कर उन्‍हीं पर फोकस्‍ड रहें। इससे आप दोनों को ज्‍यादा समय दे पाएंगे, तो बेहतर इनकम हासिल कर पाएंगे।
– ये ऑनलाइन साइटें सेकंडों के हिसाब से पेमेंट करती हैं। ऐसे में आप जितनी ज्‍यादा वीडियोज देखेंगे, उतना ही ज्‍यादा आपको फायदा होगा। इसलिए हर दिन दो से पांच घंटे इस काम के लिए तय कर लें और इस बीच इन साइटों पर रहने के अलावा कुछ भी न करें।
– इस पार्ट टाइम काम से तुरंत कमाई नहीं होती। एक अच्‍छी रकम हासिल करने के लिए जरूरी है कि आप लगातार काम करें और संयम रखें।

सुरक्षा कारणों से इन जगहों को नहीं दिखाता गूगल

गूगल अर्थ एक ऐसा टूल या सॉफ्टवेयर है जिसके जरिए दुनिया के किसी कोने में पहुंच सकते हैं. सच में? नहीं, बिल्कुल भी नहीं. क्योंकि गूगल मैप पर ने कई जगहें आपसे छुपा रखी हैं या यो कहें कि उन्हें सुरक्षा कारणों से लोगों को नहीं दिखाया जाता है. अमेरिका, चीन, रूस और इजराइल जैसे देशों की कई सीक्रेट जगहें मैप से ब्लर कर दी गई हैं ताकि उसका मैप न बनाया जा सके. लेकिन क्या गूगल मैप के लिए भारत की संवेदनशील जगहों की सिक्योरिटी भी ऐसे मायने रखती है जितना अमेरिका और चीन की? क्या भारत सरकार ने गूगल से संवेदनशील जगहों को ब्लर करने को कहा है?

एक तरफ नीदरलैंड्स के Volkel Airbase को गूगल अर्थ से पूरी तरह ब्लर कर दिया गया है तो दूसरी तरफ पठानकोट एयरबेस पर आतंकी हमलों के बाद भी इस एयरबेस को गूगल अर्थ के जरिए आसानी से देखा जा सकता है.

सिर्फ पठानकोट ही नहीं बल्कि हिंडन एयरबेस और आदमपुर एयरबेस गूगल अर्थ के जरिए फुल क्वॉलिटी में देखे जा सकते हैं. विकिलीक्स के मुताबकि नीदरलैंड्स के इस एयरबेस पर अमेरिका ने कथित तौर पर 22 कोल्ड वॉर ऐरा न्यूक्लियर वेपन रखे हैं.

पठानकोट अटैक के बाद दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचीका भी दायर की गई जिसमें कहा गया, ‘डिफेंस से जुड़े संवेदनशील जगहों को गूगल मैप से हटा लिया जाए’.

याचीका में कहा गया है, ‘मुमकिन है आतंकी इस एयरबेस के ऑनलाइन मैप के जरिए पहुंचे हों लेकिन सरकार गूगल मैप से संवेदनशी जगहों को ब्लर कराने में नाकामयाब रही है’

इस पिटिशन में गूगल द्वारा भारत में आयोजित कराए गए मैपाथॉन की भी आलोचना की गई. क्योंकि इस इवेंट के विनर विशाल सैनी ने ही पठानकोट शहर की मैपिंग की थी जिसमें एयर फोर्स स्टेशन भी शामिल है.

हालांकि गूगल के मैपाथॉन पहले भी सवालों के घेरे में रहा है. 2013 में सीबीआई ने पठानकोट मिलिट्री एयरफोर्स स्टेशन की संवेदनशील इमेज पब्लिश करने को लेकर मैपाथॉन इवेंट की जांच की गई थी.

दी हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक असोसिएशन ऑफ जियोस्पेजन इंडस्ट्रीज के प्रेसिडेंट संजय कुमार ने यह सवाल उठाया है, ‘गूगल मैप पर उन संवेदनशील लोकेशन को कैसे ब्लॉक कर सकता है जिसके बारे में सरकार ने उन्हें लिस्ट भी नहीं दी है’

ऐसा नहीं है कि भारत ने कभी संवेदनशील मैप को ब्लर करने को न कहा हो, लेकिन ऐसा होता हुआ नहीं दिखता है. एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार के आला अधिकारियों कुछ साल पहले मिलिट्री से जुड़े संवेदनशील जगहों को मास्क करने के लिए आवेदन किया था. लेकिन अपनी पॉलिसी का हवाला देते हुए गूगल ने एक भी आवेदन स्वीकार नहीं किया है.

लेकिन सवाल यह भी है अगर गूगल अमेरिका और चीन की मिलिट्री से जुड़े संवेदनशील जगहों को अपने मैप से ब्लर कर सकता है तो भारत के क्यों नहीं?

ये हैं वो जगहें जिसे गूगल ने अपने मैप से ब्लर कर रखा है.

Volkel Airbase Netherlands

यह जगह का मैप गूगल अर्थ पर नहीं मिलेगा. इसे पुरी तरह से छुपाया गया है यानी इमेज ब्लर है. विकिलीक्स के मुताबकिक यहां अमेरिका ने कथित तौर पर 22 कोल्ड वॉर ऐरा न्यूक्लियर वेपन रखे हैं.

Roses Spain

यहां अमेरिकी एयर फोर्स के 875वें एयरक्राफ्ट कंट्रोल और वॉर्निंग स्कॉर्ड्रन का बेस बताया जाता है. इसे भी गूगल अर्थ पर आप देख नहीं पाएंगे.

नेशनल सिक्योरिटी ब्यूरो चीन ताइवान

यह चीन की नेशनल सिक्योरिटी का हेडक्वॉर्टर है. यह वहां के मुख्य इंटेलिजेंस गैदरिंग ऑर्गनाइजेशन के तौर पर यूज किया जाता है.

इजराइल – मैप पर इजराइल का एरियल व्यू तो साफतौर पर दिखता है, लेकिन आप इसे जूम करेंगे तो यहां कम रिजोलुशन की इमेज मिलेगी. जबकि दूसरे देशों की इमेज साफ होती हैं

NATO airbase Gelsenkirchen – नॉर्थ अट्लांटिक ट्रीटि ऑर्गनाइजेशन का एयरबेस है जो ब्लर है. हालंकि माइक्रोसॉफ्ट के बिंग मैप पर यह देखा जा सकता है.

Heliport de Cartagena, Spain

इस लोकेशन के बारे में ज्यादा कोई जानकारी नहीं है. यह एक खुले मैदान जैसा दिखता है, लेकिन गूगल अर्थ पर यह ब्लर किया हुआ है.

US Mexico border Hudsepeth country Texas

15 माइल अमेरिकी मैक्सिकन बॉर्डर को डिस्टॉर्ट कर दिया गया है ताकि लोग देख न सकें

भारत के एयरबेस और मिलिट्री से जुड़ी दूसरी जगहों को गूगल अर्थ के जरिए हाई क्वॉलिटी में देखा जा सकता है.

हिंडन एयरबेस
पठानकोट एयरबेस
अदमपुर एयरबेस

एयर सेल्फी… आपके पास है ये डिवाइस तो जलेंगे लोग

सेल्‍फी का भूत तो सभी के सिर सवार रहता है। इसके लिए लोग सेल्‍फी स्‍टिक का इस्‍तेमाल करते हैं। लेकिन अब यह सब पुराना आइडिया हो गया है। बाजार में एक मोबाइल साइज का फ्लाइंग ड्रोन कैमरा आ गया है, जिसके जरिए आप एयर सेल्फी ले सकते हैं।
यह छोटी सी मशीन 20 मीटर की ऊंचाई तक उड़ सकती है और आपकी इतनी तस्‍वीरें ले सकती है कि आप सेल्‍फी स्‍टिक से उतनी कभी नहीं ले पाएंगे। यह सारी तस्‍वीरें यह ड्रोन हवा में उड़ते हुए लेगा। यही वजह है कि इसके द्वारा ली गई सेल्‍फी तस्‍वीरों को एयर सेल्‍फी नाम दिया गया है।

एयर सेल्‍फी डिवाइस की खासियत

यह आसानी से आपके पॉकेट में आ जाएगी।

20 मीटर की ऊंचाई पर होने के बावजूद यह जूम करके आपकी बेहतर तस्‍वीरें ले सकती है।

इसमें 5 मेगा पिक्‍सल का कैमरा लगा हुआ है, जो कि किसी स्‍मार्टफोन के कैमरे से छोटा होता है।

एयर ड्रोन सेल्‍फी डिवाइस की उड़ने की क्षमता की बात की जाए यह सिधान में 66 फीट की ऊंचाई तक जा सकता है।

इसे कंट्रोल करने के लिए बस आपको एक आईफोन या स्‍मार्टफोन की जरूरत होगी।